बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस ने भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य को लैंड लॉक्ड (भूमि से घिरे हुए) बताया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश उस पूरे इलाके के समुद्र का एकमात्र गार्डियन (संरक्षक) है। हमारे बैकयार्ड में समुद्र है।
मोहम्मद यूनुस हाल ही में चीन की चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने चीन को बांग्लादेश में निवेश करने का न्योता दिया।
यूनुस ने कहा कि भारत के नॉर्थ-ईस्ट राज्य जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है लैंड लॉक्ड हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का रास्ता नहीं है। बांग्लादेश उस रीजन में समुद्र का एकमात्र गार्डियन है। इससे निवेश का बड़ा अवसर मिलता है।
PM मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य ने जताई आपत्ति
अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने मोहम्मद यूनुस के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाए हैं।
संजीव सान्याल ने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन यूनुस की तरफ से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लैंड लॉक्ड होने का हवाला देकर की गई अपील हैरान करने वाली है।
यूनुस बोले- मौके का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए
यूनुस ने कहा कि यहां चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है- इस इलाके में चीजों को बनाया जा सकता है, प्रोड्यूस किया जा सकता है और बेचा जा सकता है। यह एक प्रोडक्शन हाउस है, हमें इस मौके का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए।
भारत पूर्वोत्तर में कनेक्टिवटी बढ़ाने के कई प्रोजेक्ट चला रहा
यूनुस के बयान में इस तथ्य को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है कि भारत अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत नॉर्थ में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारी निवेश कर रहा है। इसमें कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट जैसी परियोजनाओं के जरिए कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रहा है।
इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत को म्यांमार और दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले सड़क नेटवर्क का निर्माण कर रहा है।
यूनुस का यह बयान इसलिए भी हैरान करने का वाला है क्योंकि पूर्वोत्तर भारत में सिलिगुडी कॉरिडोर है। जिसे भारत का चिकन नेक माना जाता है। 60 किमी लंबा और 22 किमी चौड़ा यह कॉरिडोर नॉर्थ-ईस्ट के 7 राज्यों को भारत के साथ जोड़ता है। भारत इसके इलाके की सुरक्षा को लेकर काफी ज्यादा चौकन्ना रहता है।
चार दिन की यात्रा पर चीन पहुंचे थे यूनुस
युनूस बुधवार को चार दिन की चीन यात्रा पर पहुंचे थे। शुक्रवार को उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस मौके पर जिनपिंग ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
जिनपिंग ने कहा- आपसी भरोसे के आधार पर चीन बांग्लादेश का अच्छा पड़ोसी, अच्छा दोस्त और अच्छा पार्टनर बना रहेगा।
दोनों नेताओं ने नौ समझौते पर साइन किए। इनमें आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर एक समझौता (एग्रीमेंट) और आठ समझौता ज्ञापन (MoUs) पर थे। ये समझौते प्राचीन ग्रंथों के अनुवाद और प्रकाशन, सांस्कृतिक विरासत, समाचार आदान-प्रदान, मीडिया, खेल और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े हैं।